शुभंकर गिरि

Thursday, July 14, 2011

अपने जज्बात तजुर्बात संभाले रखना

बेरुखी का कोई चिराग जलाये रखना
कम से कम एक सितारे को सताये रखना
शमा जल जायेगी बुझ जायेगी रुसवा होगी
दिल में जज्बात की इक लौ को जलाये रखना 



तू वहीं है जहां से मेरी सदा लौटी है
अगर सुना न हो तो कान लगाये रखना
न जाने कौन सी महफिल है जहां मैं भी नहीं
मेरी जज्बात की रंगत को बनाये रखना

साथ वो आये न आये है ये उसकी मर्जी
अपने जज्बात तजुर्बात संभाले रखना
जिन्दगी दूर से कु्छ ऐसी सदा देती है
कोई मुश्किल
नहीं अपनों को अपनाये रखना

ख्वाब आंखों में न हों फिर भी कोई बात नहीं
अपने सीने में कोई सपना सजाये रखना
कौन कहता है कि मद्धिम नहीं होगा सुरज
अपने अल्फाज की रंगत को चमकाये रखना

नहीं कहूंगा कि मैं हूं किताब पढ मुझको
दिल के अलमीरे में तू मुझको सजाये रखना
कि जिस किताब को पढा नहीं तूने अबतक
उसकी हर वर्क पे नजरों को जमाये रखना



बस एक सवाल से क्यों मुझसे खफा हो बैठे
मेरी बातों को न यूं दिल से लगाये रखना
कोई फ़र्क भी नहीं तुम जवाब दो या न दो
मेरी आदत है - सवालों को सजाये रखना



                               - आकर्षण कुमार गिरि

30 comments:

  1. बहुत खूबसूरत हैं ये जज्बात...
    बहुत खूबसूरत रचना....

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  2. आपकी हर रचना की तरह यह रचना भी बेमिसाल है !
    एक और सुन्दर कविता आपकी कलम से !

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  3. अस्वस्थता के कारण करीब 20 दिनों से ब्लॉगजगत से दूर था
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ,

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  4. वाह गिरी जी सीधे अंतर्मन के दरवाजे पर दस्तक देती प्रस्तुति
    "जिंदगी दूर से कुछ ऐसी सदा देती है
    कोई मुश्किल नहीं अपनों को अपनाये रखना"

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  5. आकर्षण जी
    बहुत आकर्षण है आपके लेखन में :))

    दिल में जज़्बात की लौ जलाए रखना बहुत सही रास्ता है … आभार !

    ख़ूबसूरत ब्लॉग के लिए भी
    हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  6. baht badhiya,,,subah bana di aapne aakarshan bhaiya..:)

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  7. बहुत ही खुबसूरत जज्बातों को बहुत ही खूबसूरती से प्रस्तुती करती आपकी रचना....

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  8. बहुत खुबसूरत भाव...आनंद आ गया !

    ब्लॉग खुलते ही जो प्यारा सा फ्रेश चेहरा दीखता है तो थकान ही गायब हो गयी ...
    शुभकामनायें आपको !

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  9. वाह...कमाल की रचना...बधाई स्वीकारें

    नीरज

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  10. चलिए हमने भी आशा की लौ जला ली है कि ऐसी खुबसुरत रचनाए हमें आगे भी पढ़ने को मिलेगी।

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  11. सुंदर भावो से व्यक्त किया आपने .
    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.

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  12. महा-स्वयंवर रचनाओं का, सजा है चर्चा-मंच |
    नेह-निमंत्रण प्रियवर आओ, कर लेखों को टंच ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  13. khubsurat blog pe khubsurat kavita..badhai

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  14. khubsurat kavita
    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/
    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

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  15. bahut khubsurar rachana hai.man ko sukun deti hai thanx.

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  16. khuubsuurat rachna |
    badhaai bhai ||

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  17. ye dil ko chu jane wala rachna hai.

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  18. मुझे ये उचित नहीं लगता है कि किसी ब्लॉग पर टिप्पणी करते वक्त परिचय छुपाया जाए...बहरहाल मेरे ब्लॉग पर एक बेनामी टिप्पणी आई है... मैं उऩका शुक्रगुजार हूं.... और उम्मीद करते हूं कि वे भविष्य में भी स्नेह बनाए रखेंगे.... और हां... अगली बार वे अपना परिचय भी नहीं छुपाएंगे...

    आकर्षण

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  19. bahut sundar rachana h.......man ko chhu gai

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  20. बहुत ही खुबसूरत..

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  21. क्या कहने
    बहुत सुंदर
    शुभकामनाएं

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  22. कई असरार तो वाकई कमाल के हैं ....

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  23. सुन्दर भावों से सजी सुन्दर रचना .....
    ब्लॉग खोलते ही मन प्रसन्न हो जाता है ...

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  24. सभी मित्रों को रक्षा बंधन की बधाई a good
    verse...

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  25. आकर्षण गिरि जी,
    नमस्कार,
    आपके ब्लॉग को "सिटी जलालाबाद डाट ब्लॉगसपाट डाट काम" के "हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज" पर लिंक किया जा रहा है|

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  26. आकर्षण जी
    नमस्ते !

    नई रचना पढ़ने के लिए दो-तीन बार आ चुका हूं आपके यहां …

    अवश्य ही आवश्यक कामों में व्यस्त होंगे …

    शुभकामनाओं सहित
    राजेन्द्र स्वर्णकार

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