खूबसुरत सनम शुक्रिया
आप नज़रें चुरा लीजिये
मेरी आंखें तो बस में नहीं
आप काजल लगा लीजिये
जिंदगी घिस न जाये कहीं
हाथ आगे बढा दीजिये
बात शेरों से बनती नहीं
मेरे लब पे रहा कीजिये
भीड़ ज्यादा है बाज़ार में
'गिरि' के दिल में रहा कीजिये
खुद पे तीर चलाया हमने जाम-ए-लहू छलकाया हमने। अपने अंदर तुझको पाकर खुद को ही बहलाया हमने। तेरी सूरत चस्पा कर ली दर्पण को झुठलाया हमने। तुझको ...
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