खूबसुरत सनम शुक्रिया
आप नज़रें चुरा लीजिये
मेरी आंखें तो बस में नहीं
आप काजल लगा लीजिये
जिंदगी घिस न जाये कहीं
हाथ आगे बढा दीजिये
बात शेरों से बनती नहीं
मेरे लब पे रहा कीजिये
भीड़ ज्यादा है बाज़ार में
'गिरि' के दिल में रहा कीजिये
मुझे मंजिल से प्यारे हैं, वो सारे मील के पत्थर। बिना भटके मुझे जो तेरे दर तक लेकर आए हैं। भटकते फिर रहे कितने तुम्हारे चाहने वाले गले में बा...
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