प्रश्न - गैरों को ग़ज़ल सुनाते हो
मुझको केवल मुक्तक क्यों ?
औरों से हंस हंस मिलते हो
मेरी खातिर पत्थर क्यों ?
मुंहदेखी बातें करते हो
तुम जिस जिस से मिलते हो
मेरी खातिर मेरे साजन
तेरी जिह्वा नश्तर क्यों ?
उत्तर - क्योंकि तुम मेरे अपने हो.....
खुद पे तीर चलाया हमने जाम-ए-लहू छलकाया हमने। अपने अंदर तुझको पाकर खुद को ही बहलाया हमने। तेरी सूरत चस्पा कर ली दर्पण को झुठलाया हमने। तुझको ...
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