तेरी नादानियों का बोझ दिल पर ले के चलना है।
तेरी हर बात पर अब उम्र भर खामोश रहना है।।
तेरी मासूमियत पे जीने वाला इक खुदा होगा।
यही हसरत है इस दिल की, तेरे चेहरे पे मरना है।।
- आकर्षण कुमार गिरि
तू दिरहम है, तू ही है दीनार मेरी तू ही जीत है, तू ही है हार मेरी। छुपा ले तू मुझको, बस अपने भँवर में तू साहिल है, तू ही है मझधार मेरी। तपाकर...
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