मैं तारों से निभाना चाहता हूँ.
मशीयत से कहो चाहे न मुझको
ज़मीन पर घर बनाना चाहता हूँ
ये दम है कि निकलता ही नहीं
मैं एक वादा निभाना चाहता हूँ.
मुझे बेकद्र दुनिया क्योंकर समझे
ज़माने को बदलना चाहता हूँ.
जानेमन तुमको जानेजां करके हम चले जायेंगे वफ़ा करके। इश्क जादू है, इश्क टोना है रिंद को रख दे पारसा करके। दर्द कोने में छिप के बैठा था रख दिया...
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