बुधवार, 11 मार्च 2026

तुम जियो दिल को बस जवाँ करके....

गुलो-गुलशन को ग़मज़दा करके।

तुमने पाया है ऐसा क्या करके।

मैं यकीनन ही लौट आऊंगा

मौत से एक मशविरा करके।


ज़ीस्त है तो कज़ा भी आनी है

आएगी बस जरा जरा करके।


मुझसे नजरें मिला ओ चारागर

क्या मिला मुझको बेदवा करके?


चांद तारों से गुफ्तगू कैसी?

कुछ न होगा यूं रतजगा करके।


मौत से मुंह छुपा नहीं सकते

तुम जियो दिल को बस जवाँ करके।


कोई आता नहीं है पुरसिश को

'हमने देखा है तज्रबा करके।'

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