है बेबस बहुत बेकरारी मेरी ख़बर में छपी है उदासी मेरी जिसे देखिए देखने आ रहा तमाशा बनी ज़िंदगानी मेरी? सुदामा की चिंता किसी को कहाँ सियासत ...