जिसकी आंखें सजल हैं।
उसके आंसू का एक एक कतरा
गज़ल है।
जरा पढ़ के तो देखो।
मज़ा इश्क़ में, जान! आया नहीं मिला दर्द दिल को करारा नहीं पलीते में रोगन समाए बिना चिराग़-ए-मोहब्बत तो जलता नहीं ये काजल का टीका और तेरी दुआ...
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