जिसकी आंखें सजल हैं।
उसके आंसू का एक एक कतरा
गज़ल है।
जरा पढ़ के तो देखो।
मिली बदनामियां मुझको मुझी से जो गुजरे हम तेरी घर की गली से। जमीं पर तब मोहब्बत भी नहीं थी तेरी चाहत हमें है उस घड़ी से। न कह पाओ, निगाहों ...
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