रविवार, 29 अगस्त 2021

हम सरल न हुये ....!

जीवन जटिल है, 

मौत सरल।

तुम गरल न हुये, 

हम सरल न हुये । 😊          

               -गिरि

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तपाकर हमें पीटती है वो हरदम....

तू दिरहम है, तू ही है दीनार मेरी तू ही जीत है, तू ही है हार मेरी। छुपा ले तू मुझको, बस अपने भँवर में तू साहिल है, तू ही है मझधार मेरी। तपाकर...