जीवन जटिल है,
मौत सरल।
तुम गरल न हुये,
हम सरल न हुये । 😊
-गिरि
तू दिरहम है, तू ही है दीनार मेरी तू ही जीत है, तू ही है हार मेरी। छुपा ले तू मुझको, बस अपने भँवर में तू साहिल है, तू ही है मझधार मेरी। तपाकर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें