शनिवार, 2 मार्च 2019

समंदर......

1
समंदर खुद कभी कोई कहीं कश्ती डुबोता है?
सभी का गम सलीके से कलेजे में संजोता है।
जो मिलने आ गयी उसको कभी ये ना नहीं कहता 
समंदर इस तरह नदियों से हर रिश्ता निभाता है।

2
बिना दरिया समंदर का, न होना क्या औ होना क्या?
बिना कश्ती समंदर के कलेजे का धड़कना क्या?
कि दरिया और कश्ती, सब समंदर के ही अपने हैं।
अपनों के लड़कपन का न खलना क्या औ खलना क्या?
- आकर्षण कुमार गिरि

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